कोविड-19 महामारी में आह्वाहन फाउंडेशन टीम ने 1000 गरीब परिवारो को दिया राशन

निसंदेह ही जब भी कोई सामाजिक आपदा आती है तो सबसे अधिक निम्न वर्ग के लोग ही परेशान होते हैं। ऐसे में जो वर्ग प्रतिदिन कमाता और खाता है, उस वर्ग की प्रतिदिन आय इतनी कम है की वो इस आपातकालीन स्थिति में अपने और अपने परिवार के लिए खाना उपलब्ध करने का सामर्थ्य नहीं रखता, कोरोना महामारी के इस बढ़ते प्रकोप ने उनका जीवन बेहद कठिन बना दिया है।

देश में इस नाज़ुक स्थिति में डॉक्टर, नर्स, पुलिस, सुरक्षाकर्मी और अन्य आवश्यक कर्मी तो कोरोना योद्धाओं के रूप में उभर कर आये ही हैं, साथ ही कुछ लोग उन गरीब लोगों के लिए भी सामने आये हैं जिनकी दशा गरीबी और कोरोना के मेल से दयनीय बानी हुई है।

नितेश कुमार और आह्वाहन फाउंडेशन के संस्थापक ब्रज किशोर प्रधान जी द्वारा आज दिल्ली एनसीआर में एक हज़ार ज़रूरत मंद गरीब मजदूरों को चावल, दाल, मैगी और मसालों का वितरण किया गया।

नितेश कुमार और आह्वाहन फाउंडेशन के संस्थापक ब्रज किशोर प्रधान जी ने बताया कि सामग्री का वितरण करते समय सोशल डिस्टन्सिंग का पूर्ण रूप से पालन किया गया।
कोई भूखा ना रहे, इस इरादे से की गयी उनकी ये पहल बेहद सराहनीय है। उन्होंने आगे बताया की आह्वाहन फाउंडेशन टीम कोविड-19 महामारी के संकट में एनसीआर क्षेत्र में गरीब बेसहारा झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को लगातार सूखा राशन उपलब्ध कराती रहेगी, साथ ही उन्होंने ईश्वर से कामना की कि कोई भी भूखा ना सोए।

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